📰 हज-उमराह के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क? Jodhpur से जुड़े कई नाम सामने, जांच की मांग तेज

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नागौर/जोधपुर।
राजस्थान में हज और उमराह यात्रा के नाम पर कथित ठगी और अवैध गतिविधियों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। स्थानीय स्तर पर की गई एक स्वतंत्र जांच में जodhpur और आसपास के इलाकों में सक्रिय कुछ व्यक्तियों और एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगे हैं।

जोधपुर में हज उमराह ठगी का खुलासा, फर्जी एजेंट और कैश वसूली की जांच

👉 किन पर लगे आरोप?

जांच के दौरान मोहम्मद इशाक सरवरी (Sarveri Hajj Umrah Tour, अखालिया, जोधपुर) सहित कुछ अन्य ट्रैवल ऑपरेटर्स के नाम सामने आए हैं।

इसके अलावा:

  • मुस्कान हज उमराह (जोधपुर)
  • देशवाली हज उमराह (मेड़ता सिटी)
  • अल खलीम (सवाई माधोपुर)

जैसी एजेंसियों के नेटवर्क में जुड़े होने के आरोप भी सामने आए हैं।

⚠️ नोट: इन सभी पर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।


👉 क्या हैं मुख्य आरोप?

💰 1. बिना रजिस्ट्रेशन के संचालन

  • कथित तौर पर कई एजेंसियां बिना वैध लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के काम कर रही हैं

💵 2. कैश में वसूली, बिना रसीद

  • ग्रामीणों से ₹85,000–₹95,000 तक नकद लिया जाता है
  • कई मामलों में कोई रसीद या कानूनी दस्तावेज नहीं दिया जाता

🌍 3. अनट्रेंड गाइड से यात्रा

  • आरोप है कि यात्रियों को ऐसे लोगों के साथ भेजा जाता है जिनके पास
    • कोई आधिकारिक गाइड लाइसेंस नहीं
    • न अरबी और न अंग्रेजी भाषा का ज्ञान

⚠️ 4. अवैध गतिविधियों में उपयोग की आशंका

  • कुछ शिकायतों में आरोप है कि यात्रियों को
    • समूहों में भेजकर
    • संदिग्ध सामान ले जाने में इस्तेमाल किया जाता है

🔁 5. बार-बार विदेश यात्रा पर सवाल

  • जांच में सामने आया कि कुछ एजेंट साल में 5–7 बार उमराह यात्रा करते हैं
  • उनकी आय के स्रोत और फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं

👉 विदेशी कनेक्शन की भी चर्चा

जांच में यह भी सामने आया है कि:

  • कुछ ऑपरेशंस कथित तौर पर विदेशी संपर्कों (खासकर सऊदी और अन्य देशों) से जुड़े हो सकते हैं
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे WhatsApp और IMO के जरिए नेटवर्क संचालित होने की आशंका है

👉 पहले भी सामने आए विवाद?

स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि:

  • संबंधित व्यक्तियों में से कुछ का नाम पहले भी विदेश में संदिग्ध मामलों में सामने आ चुका है

⚠️ इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हो सकी है।


👉 प्रशासन पर उठे सवाल

  • स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद
    अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई
  • इससे नेटवर्क के और मजबूत होने की आशंका जताई जा रही है

👉 क्या कहता है कानून?

भारत में हज/उमराह सेवाएं प्रदान करने के लिए:

  • सरकारी मान्यता और लाइसेंस जरूरी होता है
  • बिना रजिस्ट्रेशन संचालन करना कानूनी अपराध है

👉 सरकार से मांग

  • पूरे नेटवर्क की एजेंसी-लेवल जांच
  • संदिग्ध लोगों के
    • पासपोर्ट
    • बैंक अकाउंट
    • डिजिटल कम्युनिकेशन
      की जांच
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

🔍 आरोपी की पृष्ठभूमि को लेकर गंभीर दावे, नाम बदलने और विदेश कनेक्शन पर उठे सवाल

स्थानीय जांच और सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद इशाक सरवरी की गतिविधियों को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।

👉 क्या हैं प्रमुख दावे?

  • जांच में यह आरोप सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति पहले भी सऊदी अरब में एक मामले में पकड़ा गया था, जो कथित तौर पर सोने की तस्करी (Gold Smuggling) से जुड़ा बताया जा रहा है।
  • हालांकि, इस मामले में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है

👉 नाम बदलने का भी आरोप

  • स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि
    संबंधित व्यक्ति ने अपनी पहचान बदलकर दूसरे नाम (वकील/वकील नाम से परिचालन) शुरू किया है।
  • आरोप है कि यह बदलाव कथित तौर पर पुराने मामलों से बचने के लिए किया गया।

👉 विदेशी नेटवर्क की आशंका

  • जांच में यह भी बात सामने आई है कि
    कुछ ऑपरेशंस कथित तौर पर विदेशी संपर्कों के जरिए संचालित हो सकते हैं
  • इसमें सऊदी अरब से जुड़े नंबरों और डिजिटल ऐप्स (WhatsApp/IMO) के उपयोग की भी बात कही जा रही है

⚠️ महत्वपूर्ण तथ्य

इन सभी बिंदुओं पर अभी तक:

  • कोई सरकारी एजेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
  • न ही संबंधित व्यक्ति का आधिकारिक पक्ष सामने आया है

🛑 प्रशासन से बड़ी मांग

इन दावों के आधार पर स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:

  • संबंधित व्यक्ति के
    • पासपोर्ट रिकॉर्ड
    • विदेश यात्रा इतिहास
    • बैंक ट्रांजेक्शन
      की जांच की जाए
  • और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाए

🛑 आम लोगों के लिए अलर्ट

अगर आप उमराह या हज पर जा रहे हैं, तो:
✔ केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसी चुनें
✔ भुगतान हमेशा ऑनलाइन/बैंक से करें
रसीद और वीजा डिटेल जरूर लें
✔ एजेंट का लाइसेंस वेरिफाई करें


⚠️ Disclaimer

यह रिपोर्ट स्थानीय स्तर पर की गई जांच और प्राप्त शिकायतों पर आधारित है। इसमें उल्लेखित सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा की जानी शेष है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार कानून और जांच एजेंसियों का है।


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