नागौर में रिटायर्ड पुलिसकर्मियों की सुनवाई, SP मृदुल कच्छावा को कर्णधार सम्मान

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नागौर पुलिस लाइन में पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेंशन, फैमिली पेंशन और मेडिकल समस्याओं को सुना गया। इसी दौरान नागौर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा को नीलकंठ अभियान के तहत नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था में योगदान के लिए ‘कर्णधार सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

नागौर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा को कर्णधार सम्मान देते हुए सामाजिक संस्थान के सदस्य

नागौर पुलिस लाइन में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की बैठक

नागौर पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार पुलिस लाइन नागौर में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में करीब 40 से 50 रिटायर्ड पुलिस कार्मिकों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।

बैठक में मुख्य रूप से पेंशन, फैमिली पेंशन, मेडिकल सुविधाओं और व्यक्तिगत आपातकालीन समस्याओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने इन समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों को जल्द समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए

पुलिस विभाग का मानना है कि सेवानिवृत्त कर्मियों की समस्याओं का समाधान करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • नागौर पुलिस लाइन में 40–50 सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की बैठक आयोजित
  • पेंशन, फैमिली पेंशन और मेडिकल समस्याओं पर सुनवाई और समाधान के निर्देश
  • नागौर SP मृदुल कच्छावा को कर्णधार सम्मान से सम्मानित
  • नीलकंठ अभियान के तहत नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था में योगदान
  • कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित

नागौर SP मृदुल कच्छावा को मिला ‘कर्णधार सम्मान’

इसी कार्यक्रम के दौरान नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ‘कर्णधार सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान अखिल भारतीय संत शिरोमणि भक्त फूलाबाई स्मृति संस्थान की ओर से दिया गया।

संस्थान ने बताया कि नागौर जिले में नीलकंठ अभियान के माध्यम से नशा मुक्ति, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस अधीक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।


‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ को किया साकार

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का आदर्श वाक्य “आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय” को नागौर पुलिस ने प्रभावी रूप से लागू किया है।

कम समय में जिले में हुई कई बड़ी चोरी की वारदातों का खुलासा कर पुलिस ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया है।

पर्यावरण प्रेमी और संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री हिम्मताराम भांभू ने कहा:

“नागौर पुलिस द्वारा चलाया गया नीलकंठ अभियान समाज में नशा मुक्ति और सुरक्षा के लिए एक प्रेरणादायक पहल है।”


कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से

  • व्याख्याता धनराज खोजा
  • समाजसेवी भोजराज सारस्वत
  • उद्यमी हरिराम धारणिया
  • अनिल बांठिया
  • बनवारीलाल अग्रवाल
  • लिछमणराम पोटलिया
  • अनिल ओझा
  • अरुण टांक
  • वरनव बांठिया
  • गौतम कोठारी
  • जानाराम फिड़ोदा

और अन्य शहरवासी कार्यक्रम में शामिल हुए।


What This Means For You

नागौर पुलिस की इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि विभाग सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय है।

साथ ही नशा मुक्ति और अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों से जिले में कानून व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

स्थानीय नागरिकों के लिए यह संदेश भी है कि पुलिस प्रशासन जन विश्वास बढ़ाने और अपराध रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है।


FAQ (People Also Ask)

नागौर में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की बैठक क्यों हुई?

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार रिटायर्ड पुलिस कर्मियों की पेंशन, मेडिकल और अन्य समस्याओं की सुनवाई के लिए बैठक आयोजित की गई।

नागौर SP को कौनसा सम्मान मिला?

नागौर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा को ‘कर्णधार सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

नीलकंठ अभियान क्या है?

नीलकंठ अभियान नागौर पुलिस द्वारा चलाया गया नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था मजबूत करने का अभियान है।


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