शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और छात्राओं के हौसलों को नई ऊंचाई देने वाली एक प्रेरणादायक पहल राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव से सामने आई है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, केराप के संस्था प्रधान राजेन्द्र कुमार ढाका ने अपनी तीन प्रतिभाशाली छात्राओं के सपनों को सच करने का अनूठा निर्णय लिया है।
प्रधानाचार्य ने घोषणा की है कि वे अपने निजी खर्च पर विद्यालय की तीन छात्राओं को हेलीकॉप्टर राइड करवाएंगे। इस पहल को “सपनों की उड़ान” नाम दिया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बनने वाला है।

इस खबर से क्या सीख मिलती है?
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी छात्राओं के सपनों को उड़ान दी जा सकती है
- शिक्षक यदि प्रेरणा बनें तो शिक्षा का प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सकता है
‘सपनों की उड़ान’ से बढ़ेगा बेटियों का आत्मविश्वास
विद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं रंजना नायक, ज्योति मेघवाल और खुशी मेघवाल को आगामी 12 मार्च को शाम 4 बजे नागौर से हेलीकॉप्टर की सैर करवाई जाएगी।
करीब 30 मिनट की इस उड़ान के दौरान छात्राएं हेलीकॉप्टर से नागौर क्षेत्र का नज़ारा देखेंगी। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी इन बेटियों के लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा होगा।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मिलेगा बल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूती देना है।
प्रधानाचार्य का मानना है कि यदि बेटियों को सही प्रोत्साहन और अवसर मिले तो वे भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा कर सकती हैं।
यह कार्यक्रम सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में भी नया आत्मविश्वास और प्रेरणा जगाने का काम करेगा।
निजी कोष से उठाएंगे पूरा खर्च
आमतौर पर सरकारी शिक्षक अपने शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रहते हैं, लेकिन राजेन्द्र कुमार ढाका ने अपनी आय का एक हिस्सा छात्राओं के सपनों को पंख देने के लिए खर्च करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि इस हेलीकॉप्टर राइड पर करीब ₹40,000 का खर्च आएगा, जिसे वे स्वयं वहन करेंगे।
ऐसे आया हेलीकॉप्टर सैर का विचार
प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार ढाका ने बताया कि एक दिन विद्यालय में छात्राओं के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने उनसे उनके सपनों के बारे में पूछा।
तभी छात्राओं ने मुस्कुराते हुए कहा कि “सर, हमें हेलीकॉप्टर में घूमना है।”
छात्राओं की यह इच्छा सुनकर उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और तय किया कि वे इन बेटियों का यह सपना जरूर पूरा करेंगे।
ग्रामीणों में उत्साह का माहौल
इस अनूठी घोषणा के बाद केराप गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से न केवल सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि अन्य छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।
स्रोत और सत्यता
यह जानकारी महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, केराप के संस्था प्रधान राजेन्द्र कुमार ढाका द्वारा साझा की गई है। कार्यक्रम 12 मार्च को नागौर में आयोजित किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
केराप गांव और आसपास के ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ेगा और छात्राओं को नई प्रेरणा मिलेगी।
केराप गांव की छात्राओं को हेलीकॉप्टर राइड कब करवाई जाएगी?
केराप गांव के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की तीन छात्राओं को 12 मार्च को शाम 4 बजे नागौर से हेलीकॉप्टर राइड करवाई जाएगी। यह राइड लगभग 30 मिनट की होगी।
छात्राओं को हेलीकॉप्टर की सैर कौन करवा रहा है?
विद्यालय के संस्था प्रधान राजेन्द्र कुमार ढाका अपनी निजी आय से इस हेलीकॉप्टर राइड का पूरा खर्च वहन कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर राइड में किन छात्राओं का चयन हुआ है
इस कार्यक्रम में विद्यालय की तीन छात्राएं रंजना नायक, ज्योति मेघवाल और खुशी मेघवाल हेलीकॉप्टर की सैर करेंगी।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूत करना और छात्राओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना है।
हेलीकॉप्टर राइड पर कितना खर्च आएगा?
प्रधानाचार्य के अनुसार इस हेलीकॉप्टर राइड पर करीब ₹40,000 का खर्च आएगा, जिसे वे स्वयं अपने निजी कोष से वहन करेंगे।
केराप गांव के प्रधानाचार्य राजेन्द्र ढाका की यह पहल न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणा है बल्कि पूरे समाज को यह संदेश देती है कि यदि किसी के सपनों को सही दिशा और सहयोग मिल जाए तो वे सच हो सकते हैं।
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