नागौर जिले की डेह तहसील के सोमणा गांव की बहू डिंपल चौहान ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 131वीं रैंक हासिल की है। वह वर्तमान में दिल्ली सरकार के व्यापार एवं कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर (DANICS) के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ तैयारी करते हुए उन्होंने यह बड़ी सफलता हासिल की।

UPSC 2025: नागौर की बहू डिंपल चौहान ने बढ़ाया क्षेत्र का गौरव
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में नागौर जिले की एक बेटी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डेह तहसील के सोमणा गांव की बहू डिंपल चौहान ने ऑल इंडिया स्तर पर 131वीं रैंक प्राप्त की है।
डिंपल वर्तमान में दिल्ली सरकार के व्यापार एवं कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर (DANICS) के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी की व्यस्तताओं के बीच UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर उन्होंने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया।
UPSC परीक्षा को भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जिसमें हर साल लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं।
डेह पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
UPSC में सफलता की खबर फैलते ही नागौर जिले के डेह क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। जब डिंपल चौहान अपने गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनका माला और साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया।
इस दौरान जायल व नागौर के ब्लॉक CMHO डॉ. रतनाराम बीड़ियासर ने भी उन्हें सम्मानित किया। गांव के कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण इस सम्मान समारोह में मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि डिंपल की सफलता से क्षेत्र की बेटियों को नई प्रेरणा मिलेगी।
- UPSC 2025 में नागौर जिले की डिंपल चौहान ने 131वीं रैंक हासिल की
- वर्तमान में दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर (DANICS) के पद पर कार्यरत
- IIT गुवाहाटी से स्नातक, वैकल्पिक विषय दर्शनशास्त्र (Philosophy)
- डेह क्षेत्र में पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत
- बेटियों की शिक्षा को लेकर दिया प्रेरणादायक संदेश
बेटियों की शिक्षा पर दिया प्रेरणादायक संदेश
डिंपल चौहान ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा:
“समाज में बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षा दी जानी चाहिए। एक शिक्षित बेटी न केवल खुद का भविष्य बनाती है, बल्कि वह अपने पीहर और ससुराल दोनों परिवारों का नाम रोशन करती है।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बेटियों के सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग करें।
परिवार ने जताई खुशी
डिंपल के ससुर श्रवण राम बीड़ियासर, जो अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) में सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता हैं, ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई।
उन्होंने कहा:
“नौकरी करते हुए इतनी अच्छी रैंक लाना आसान नहीं है। डिंपल की मेहनत ने न केवल दो परिवारों बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।”
डिंपल की सास वंदना चौधरी राजस्थान उच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं।
IIT गुवाहाटी से पढ़ाई, दर्शनशास्त्र बना सफलता का आधार
डिंपल चौहान ने IIT गुवाहाटी से स्नातक किया है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा उदयपुर और कोटा में हुई।
UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने दर्शनशास्त्र (Philosophy) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। विशेषज्ञों के अनुसार यह विषय कई अभ्यर्थियों के लिए UPSC में स्कोरिंग माना जाता है।
कैरियर विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC में सफलता के लिए सही रणनीति, निरंतर अध्ययन और समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
What This Means For You
डिंपल चौहान की सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि नागौर जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा है।
यह कहानी बताती है कि:
- नौकरी के साथ भी UPSC की तैयारी संभव है
- ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पा सकते हैं
- परिवार और समाज का सहयोग सफलता की बड़ी कुंजी है
ऐसी प्रेरणादायक कहानियां क्षेत्र में शिक्षा और सिविल सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करती हैं।
FAQ (People Also Ask)
डिंपल चौहान ने UPSC में कौनसी रैंक हासिल की?
डिंपल चौहान ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 131वीं रैंक हासिल की।
डिंपल चौहान वर्तमान में किस पद पर कार्यरत हैं?
वह दिल्ली सरकार के व्यापार एवं कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर (DANICS) के पद पर कार्यरत हैं
डिंपल चौहान ने UPSC के लिए कौनसा वैकल्पिक विषय चुना था?
उन्होंने UPSC परीक्षा के लिए दर्शनशास्त्र (Philosophy) को वैकल्पिक विषय चुना था।