नागौर का ‘एक जिला एक उत्पाद’ क्या है? पान मैथी-मसाला पर कार्यशाला

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राजस्थान सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 के तहत नागौर जिले के लिए पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण को चयनित किया गया है। इसी के तहत 15 मार्च को नागौर टाउनहॉल में जिला स्तरीय कार्यशाला और उत्पाद प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें किसानों और स्थानीय उद्यमियों को नई तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार अवसरों की जानकारी दी गई।

नागौर में एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण कार्यशाला व प्रदर्शनी का निरीक्षण करते अतिथि

नागौर में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना को मिला बढ़ावा

राजस्थान सरकार द्वारा लागू एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 के तहत नागौर जिले के लिए पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण को प्रमुख उत्पाद के रूप में चयनित किया गया है। इसी पहल के तहत 15 मार्च को नागौर टाउनहॉल में जिला स्तरीय कार्यशाला और प्रदर्शनी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय किसानों और उद्यमियों को उनके उत्पादों की बेहतर गुणवत्ता, ब्रांडिंग और विपणन के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि नागौर के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल सके।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक बजरंग सांगवा ने बताया कि राज्य सरकार की यह नीति 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी।

  • नागौर में ODOP योजना के तहत पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण चयनित
  • 15 मार्च को टाउनहॉल में जिला स्तरीय कार्यशाला और प्रदर्शनी आयोजित
  • किसानों और उद्यमियों को ब्रांडिंग व आधुनिक तकनीक की जानकारी
  • उत्कृष्ट पान मैथी किसानों को प्रशस्ति पत्र और उद्यमियों को चेक वितरण
  • योजना 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी

किसानों और उद्यमियों को दी गई आधुनिक तकनीक की जानकारी

कार्यशाला में नागौर जिले के पान मैथी किसान और मसाला प्रसंस्करण से जुड़े व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां स्थानीय इकाइयों ने अपने उत्पाद प्रस्तुत किए।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजदीप मुंदियाड़ा और कृषि अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती, प्रसंस्करण तकनीक और गुणवत्ता सुधार के बारे में जानकारी दी।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर उत्पादों की सही पैकेजिंग, ब्रांडिंग और गुणवत्ता नियंत्रण किया जाए तो नागौर के कृषि उत्पादों की मांग राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ सकती है।


उत्कृष्ट किसानों और उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान पान मैथी की खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके अलावा ODOP योजना से लाभान्वित उद्यमियों को चेक भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।

महाप्रबंधक सांगवा ने बताया कि इस योजना के तहत मिलने वाला लाभ केवल ODOP में पंजीकृत इकाइयों को ही मिलेगा


कार्यक्रम में शामिल हुए कई प्रमुख अतिथि

इस कार्यशाला में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि के रूप में किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी ने भाग लिया। इसके अलावा खींवसर विधायक रेवन्तराम डांगा, जिला कलेक्टर चम्पालाल जीनगर, पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भोजराज सारस्वत, बनवारीलाल अग्रवाल, डॉ. महेश पुनिया और कृषि विभाग के कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में कृषि उपज मंडी नागौर के सचिव रघुनाथ सिंवर ने किसानों और उद्यमियों को कृषि विपणन बोर्ड की योजनाओं की जानकारी दी।


What This Means For You

अगर आप नागौर जिले के किसान या छोटे उद्यमी हैं, तो ODOP योजना आपके लिए बड़ा अवसर हो सकती है।

इस योजना से:

  • स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सकता है
  • किसानों की आय बढ़ने की संभावना है
  • छोटे उद्योगों को सरकारी सहायता और पहचान मिल सकती है

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण उद्योग को सही तरीके से विकसित किया जाए तो नागौर राजस्थान का बड़ा एग्री-प्रोसेसिंग हब बन सकता है।


FAQ (People Also Ask)

नागौर जिले के लिए ODOP में कौनसा उत्पाद चुना गया है?

नागौर जिले के लिए पान मैथी और मसाला प्रसंस्करण को एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के रूप में चुना गया है।

ODOP योजना कब तक लागू रहेगी?

राजस्थान सरकार की यह योजना 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी।

ODOP योजना का लाभ किसे मिलेगा?

इस योजना का लाभ केवल ODOP में पंजीकृत इकाइयों और उद्यमियों को मिलेगा।


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